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Śrīmad Bhāgavatam · Nothing Reaches Me Like Devotion

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    श्रीभगवानुवाच ।कालेन नष्टा प्रलये वाणीयं वेदसंज्ञिता ।मयाऽऽदौ ब्रह्मणे प्रोक्ता धर्मो यस्यां मदात्मकः
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    श्रीभगवानुवाच ।सम आसन आसीनः समकायो यथासुखम् ।हस्तावुत्सङ्ग आधाय स्वनासाग्रकृतेक्षणः
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