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Śrīmad Bhāgavatam · The Way of Enumeration

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    श्रीभगवानुवाच ।अथ ते सम्प्रवक्ष्यामि सांख्यं पूर्वैर्विनिश्चितम् ।यद् विज्ञाय पुमान् सद्यो जह्याद् वैकल्पिकं भ्रमम्
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