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Īśvaradarśanam · Sādhyaviṣayakopadeśaḥ

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  1. 9
    शाश्वतम् ।  ॥ ९ ॥
  2. 10
    गीयते ।  ॥ १० ॥
  3. 11
    देहेऽहम्बुद्धिमातिष्ठन्मांसास्थिकृतपञ्जरे ।  ॥ ११ ॥
  4. 12
    नरस्यात्ममतिभ्रमः ।  ॥ १२ ॥
  5. 13
    संसारानर्थकारणम् ।  ॥ १३ ॥
  6. 14
    चेतनः ।  ॥ १४ ॥
  7. 15
    च ।  ॥ १५ ॥
  8. 16
    सनातनः ।  ॥ १६ ॥
  9. 17
    जगत् ।  ॥ १७ ॥
  10. 18
    कस्मादित्यादिप्रश्नचिन्तया ।  ॥ १८ ॥
  11. 19
    साधनम् ।  ॥ १९ ॥
  12. 20
    ब्रह्मत्वमृच्छति ।  ॥ २० ॥
  13. 21
    चराचरशरीरकम् ।  ॥ २१ ॥
  14. 22
    वै ।  ॥ २२ ॥
  15. 23
    सृष्टिरुच्यते ।  ॥ २३ ॥
  16. 24
    सचराचराः ।  ॥ २४ ॥
  17. 25
    यथा ।  ॥ २५ ॥
  18. 26
    किमर्थिका ।  ॥ २६ ॥
  19. 27
    उदीरितः ।  ॥ २७ ॥
  20. 28
    तत् ।  ॥ २८ ॥
  21. 29
    प्रचक्षते ।  ॥ २९ ॥
  22. 30
    सुखाम्बुधिः ।  ॥ ३० ॥
  23. 31
    तन्निवृत्तिसमुद्यमः ।  ॥ ३१ ॥
  24. 32
    लौकिकैर्लौकिकोपायैर्लोकतापप्रणुत्तये ।  ॥ ३२ ॥
  25. 33
    नान्यत्तापत्रयमहौषधम् ।  ॥ ३३ ॥
  26. 34
    सुधीरधीः ।  ॥ ३४ ॥
  27. 35
    महज्जीवितमादिशन्ति ।  ॥ ३५ ॥
  28. 36
    प्रभेदः ।  ॥ ३६ ॥
  29. 37
    परेषाम् ।  ॥ ३७ ॥
  30. 38
    नियुञ्ज्यात् ।  ॥ ३८ ॥
  31. 39
    केचित्सविशेषमीशम् ।  ॥ ३९ ॥
  32. 40
    केचित् ।  ॥ ४० ॥
  33. 41
    परमेश्वरस्य ।  ॥ ४१ ॥
  34. 42
    ये ।  ॥ ४२ ॥
  35. 43
    निखिलधर्मसमन्वयश्च ।  ॥ ४३ ॥
  36. 44
    जीवेदिहोत्कर्षनिकर्षभेदः ।  ॥ ४४ ॥
  37. 45
    परमेशितुरस्तिभावः ।  ॥ ४५ ॥
  38. 46
    स्वयम् ।  ॥ ४६ ॥
  39. 47
    दृढः ।  ॥ ४७ ॥
  40. 48
    स्फुरेत् ।  ॥ ४८ ॥
  41. 49
    किमपीतीशाख्यमैश्वर्यवत् ।  ॥ ४९ ॥
  42. 50
    मन्यसेऽनीश्वरम् ।  ॥ ५० ॥
  43. 51
    भवेद्धीमताम् ।  ॥ ५१ ॥
  44. 52
    लोष्टादिकम् ।  ॥ ५२ ॥
  45. 53
    दिग्देशकालादिकात् ।  ॥ ५३ ॥
  46. 54
    चमत्कारिणी ।  ॥ ५४ ॥
  47. 55
    परम् ।  ॥ ५५ ॥
  48. 56
    विदलिताविद्याभ्रमग्रन्थिकान् ।  ॥ ५६ ॥
  49. 57
    व्यापकम् ।  ॥ ५७ ॥