Śivasūtra with Kṣemarāja's Vimarśinī · Unmeṣa 1
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इति श्रीमन्महामाहेश्वराचार्याभिनवगुप्तपादपद्मोपजीवि-श्रीक्षेमराजविरचितायां शिवसूत्रविमर्शिन्यां शाम्भवोपायप्रकाशनं नाम प्रथम उन्मेषः ॥ १ ॥