Leave

Śrīmad Bhāgavatam · Three Ways, and the One That Carries

Tap a verse for its meaning

  1. 1
     ।
  2. 2
     ।
  3. 3
     ।
  4. 4
     ।
  5. 5
     ।
  6. 6
    श्रीभगवानुवाचयोगास्‍त्रयो मया प्रोक्ता नृणां श्रेयोविधित्सया ।ज्ञानं कर्म च भक्तिश्च नोपायोऽन्योऽस्ति कुत्रचित्
  7. 7
     ।
  8. 8
     ।
  9. 9
     ।
  10. 10
     ।
  11. 11
     ।
  12. 12
     ।
  13. 13
     ।
  14. 14
     ।
  15. 15
     ।
  16. 16
     ।
  17. 17
     ।
  18. 18
     ।
  19. 19
     ।
  20. 20
     ।
  21. 21
     ।
  22. 22
     ।
  23. 23
     ।
  24. 24
     ।
  25. 25
     ।
  26. 26
     ।  ।
  27. 27
     ।
  28. 28
     ।
  29. 29
     ।
  30. 30
     ।
  31. 31
     ।
  32. 32
     ।
  33. 33
     ।
  34. 34
     ।
  35. 35
     ।
  36. 36
     ।
  37. 37
     ।