। ॥ 8-1 ॥
। ॥ 8-2 ॥
। ॥ 8-3 ॥
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। ॥ 8-11 ॥
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। ॥ 8-20 ॥
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। ॥ 8-28 ॥
। ॥ 8-29 ॥
। ॥ 8-30 ॥
। ॥ 8-31 ॥
। ॥ 8-32 ॥
। ॥ 8-33 ॥
ध्यायंस्तच्चरणाम्भोजं मुक्तो भवति बन्धनात् ।इमानि देवीनामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत् ॥ 8-34 ॥
। ॥ 8-35 ॥
। ॥ 8-36 ॥
। ॥ 8-37 ॥
। ॥ 8-38 ॥
। ॥ 8-39 ॥
। ॥ 8-40 ॥
। ॥ 8-41 ॥
। ॥ 8-42 ॥
। ॥ 8-43 ॥
। ॥ 8-44 ॥
। ॥ 8-45 ॥
। ॥ 8-46 ॥
मद्भक्तान्भोजयेत्प्रीत्या तथा चैव सुवासिनीः ।कुमारीर्बटुकांश्चापि मद्बुद्ध्या तद्गतान्तरः ॥ 8-47 ॥
। ॥ 8-48 ॥
। । ॥ 8-49 ॥